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छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल के गठन के पश्चात वर्ष 2002 की हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरीपरीक्षाएं पूर्व मण्डल माध्यमिक शिक्षा मण्डल मध्यप्रदेश, भोपाल द्वारा लागू पाठ्यक्रम के आधार पर आयोजित की गई थी। इसी बीच छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाएं हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरीके लिए कायर्शालाएं आयोजित कर अपने स्वयं के पाठ्यक्रम निर्माण की कार्यवाही सम्पन्न् की तदानुसार वर्ष 2003 की परीक्षाएं नवीन पाठ्यक्रमानुसार आयोजित की जा रही है।
मण्डल का प्रमुख कार्य पाठ्यक्रम निर्माण एवं परीक्षा आयोजन करना ही है, किन्तु इसके साथ ही शिक्षण उन्नयन एवं अध्ययन अध्यापन हेतु प्रयास एवं विभिन्न विद्योचित गतिविधियों का आयोजन करना भी मण्डल के अधिनियम में शामिल है ।
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल में प्रशिक्षित प्राश्निको एवं माडरेटर की महति आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए एक प्राश्निक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित कर प्रदेश के प्राचार्य/व्याख्याता/शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया, जिससे मण्डल को प्रश्न पत्रों की गुणवता एवं स्तर में सुधार लाया गया ।
प्रदेश के जनजातीय विद्यालयों के जनजातीय शिक्षकों को एक प्राश्निक प्रशिक्षण कार्यशाला एनसीईआरटी के सहयोग से 15 दिसम्बर 2003 तक आयोजित कर प्रशिक्षण दिया गया ।
मण्डल द्वारा वर्ष 2002 की आयोजित हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी/हायर सेकेण्डरीव्यावसायिक परीक्षाओं में जिन मेधावी छात्रों ने प्रावीण्य सूची में अपना स्थान बनाया था, उन छात्रों के लिये मण्डल ने 30 जून 2003 को मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान समारोह आयोजित कर पदक/प्रमाणपत्र/नगद राशि का वितरण किया गया।
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